सोमवार, 4 सितंबर 2017

कंगना रनौत - महिलाओं को निडरता का संदेश देती क्वीन

वंदना बाजपेयी 

फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को कौन नहीं जानता |बेहद खूबसूरत कंगना ने प्रतिभा के दम  पर बहुत कम समय में फिल्म इंडस्ट्री की क्वीन के रूपमें अपनी पहचान बना ली |३२ मार्च १९८७ को हिमांचल के सूरजपुर कसबे में जन्मी कंगना का कोई फ़िल्मी गॉड फादर नहीं था |कुछ क्रीएटीव करने की तलाश उन्हें मुंबई ले आई | वो उनके संघर्ष के दिन थे |  १६ साल की उम्र में उन्होंने पहली फिल्म की थी |फिर उन्होंने पीछे मुड  कर नहीं देखा  | दिन रात संघर्ष करते हुए उन्होंने आज वो मुकाम हासिल कर लिया है की वो इस समय संबसे ज्यादा मेहनताना लेने वाली अभिनेत्रियों में शुमार हैं | 


                      उनकी कहानी एक छोटे शहर की लड़की के बड़े सपने देखने , रास्ते के संघर्षों को झेलने व् हिम्मत के साथ जीतने की कहानी है | लेकिन आज हम बात कर रहे हैं कंगना के बेबाक अंदाज़ की | उनमें गलत को गलत कहने की हिम्मत है | ये साहस ये निडरता उनमें कहाँ से आती  है ? बतौर कंगना ये साहस हर स्त्री में है | बस हमने ही उसे दबा के रखा है |  


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अभी हाल में आपकी अदालत का कंगना का इंटरव्यू दिया  | मेरे ख्याल से जिसने भी देखा वह उनकी हिम्मत और बेबाकी का कायल जरूर हो गया हो होगा |   उनके जो तर्क मुझे बहुत पसंद आये | वो आप अब से बाँट रही हूँ |क्योंकि  वो हर स्त्री में हिम्मत जगाने वाले हैं | ...



      प्रतिभा कहीं भी पैदा  हो सकती है | वो बड़े घरानों की बपौती नहीं है | भले ही कोई किसी बड़े फ़िल्मी परिवार या नामी खानदान से आया हो | और उसको पहला एक्सपोजर अच्छा मिल जाए | मीडिया पब्लिसिटी भी हो जाए पर किसी की प्रतिभा और किस्मत को कोई नहीं चुरा सकता | काम और नाम प्रतिभा और किस्मत से आगे बढ़ता है न की खानदानों के लेवल से |


     सफलता के लिए जरूरी है जिद ... कुछ पाने की | जिद्द को इच्छाशक्ति भी कह सकते हैं | जब इच्छा इतनी प्रबल होगी तभी इंसान कठिन परिश्रम कर सकता है | अन्यथा संघर्ष उसे तोड़ देंगे | 


    भरोसा सिर्फ अपनी प्रतिभा का करना चाहिए | अगर कोई कहता है है की वो आपको कहाँ से कहाँ पहुंचा देगा | तो उसका इरादा सिर्फ आपको कठपुतली बनाने का है | इसलिए ऐसे वाक्य बोलने वालों से शुरुआत से ही किनारा कर लें | क्योंकि कठपुतली बनना आपकी प्रतिभा पर ग्रहण है |


      अगर आप क्रीएटीव फील्ड में हैं तो निरतर नए प्रयोग ही आपको और आपके जूनून को जिन्दा रख सकते हैं | हमेशा अलग हट कर करने की सोंचिये |


     अगर किसी लड़की के साथ कुछ गलत हो रहा है तो बेख़ौफ़  हो कर पुलिस की मदद लेनी चाहिए | क्योंकि परिवार और दोस्त चाहते हुए भी मदद नहीं कर सकते | वो खुद इन पावरफुल लोगों से डर जाते हैं |

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       एक लड़की पर जब अनर्गल आरोप लगते हैं तो वो इसलिए डर कर चुप हो जाती है क्योंकि उसे लगता की उसके परिवार वालों की फीलिंग्स हर्ट हो रही होंगी | जब वो अपने इस डर पर काबू पा लेती है तभी वो हिम्मत से बेबाक बोलती है |

        जब  आप साहस करके गलत बातों के खिलाफ कुछ बोलना शुरू करते हैं तो आपको बेबाक या बेहया  का खिताब मिलता है | और अगर आप नहीं बोलते हैं तो ये आरोप सिद्ध हो जाता है | 


        कितना भी दर लगे पर ये याद रखिये जब कोई अपनी बात हिम्मत से कहता है तो समाज उसका साथ देता है | झूठ के चाहे जितने भी मुंह हो पर जब सच सामने आता है तब सबको लकवा मार जाता है | जब किसी स्त्री के विरुद्ध प्रचार हो रहा हो तो उसे अपने सच के साथ धैर्य रखना चाहिए |

     अगर आप रचनात्मक क्षेत्र में हैं तो प्रायोजित अवार्ड से दूरी बना कर रखिये क्योंकि ये खीदे जाते हैं | या पैसे के दम पर या चापलूसी के दम पर | दोनों ही बातों में अवार्ड पा कर भी आत्मसम्मान आप का ही टूटता है | 



                 कंगना ने जिस तरीके से हर इल्जाम पर अपना पक्ष रखा | उन्होंने इस बात को गलत सिद्ध कर दिया की जल में रह कर मगरमच्छ से बैर नहीं किया जा सकता | उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के मगरमच्छों से बैर भी मोल लिया भी लिया फिर भी वो जल की रानी ( क्वीन ) हैं | 

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2 टिप्‍पणियां:

  1. वाह बहुत खूब कंगना के हर वाक्य साबित करता है कि वो सच में क्वीन है और रानी लक्ष्मी बाई की तरह दुनिया से लड़ सकती है।

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