गुरुवार, 3 अगस्त 2017

क्यों लुभाते हैं फेसबुक पर बने रिश्ते




सरिता जैन
ये लीजिये आप ने स्टेटस डाला और वो मिलनी शुरू हुई लोगों की प्रतिक्रियाएं | लाइक , कमेंट , और स्माइली … आपके चेहरे पर |बिलकुल फ़िल्मी दुनिया की तरह , लाइट , कैमरा , एक्शन की तर्ज पर | उसी तर्ज पर खुद को सेलिब्रेटी समझने का भ्रम | एक अलग सा अहसास , ” की हम भी हैं कुछ खास | फेस बुक की दुनिया | इस दुनिया के अन्दर बिलकुल अलग एक और दुनिया |पर अफ़सोस ! आभासी दुनिया | आप हम या कोई और जब कोई नया इस आभासी दुनिया में कदम रखता है तो उसका मकसद सिर्फ थोडा सा समय कुछ मित्रों परिचितों के साथ व्यतीत करने का होता है | परन्तु कब इसका नशा सर चढ़ कर बोलने लगता है | यह वह भी नहीं जानता |जिस तरह से शराब या कोई और नशा कोई एक व्यक्ति करता है परन्तु उसकी सजा सारे परिवार को मिलती है | उसी तरह से ये नशा भी बहुत कुछ आपके जीवन से चुराता है | ये चुराता है आप का समय … जी हां वो समय जिस पर आपके बच्चों , परिवार के सदस्यों और सबसे प्रमुख जीवन साथी का अधिकार है | इससे निजी रिश्ते बेहद प्रभावित होते हैं | ये सिर्फ हम नहीं कह रहे | ये आंकड़े कह रहे हैं ………. फेसबुक का पति -पत्नी के रिश्ते पर क्या प्रभाव पड़ता है | इसे जान्ने के लिए एक सर्वे कराया गया | इसमें फेसबुक के 5000 यूजर्स को चुना गया उनकी उम्र 33 साल के आस-पास थी. 12 अप्रैल से 15 के बीच कराए गए इस सर्वे में ये बातें प्रमुख रूप से कही गई हैं.

1. सर्वे के दौरान करीब 26 फीसदी लोगों का कहना था कि वे अपने पार्टनर द्वारा उपेक्षित महसूस करते हैं. इस बात पर उन दोनों के बीच लड़ाई भी होती है. वहीं फेसबुक पर उन्हें ज्यादा तवज्जो और अपनापन मिलता है.
2. सर्वे में करीब 44 फीसदी लोगों ने कहा है कि फेस बुक ने उनके आपसी रिश्ते को बर्बाद कर दिया . कई बार उनका पार्टनर उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताने के बजाय फेसबुक पर स्टेटस अपडेट करना पसंद करता है.
3. 47 फीसदी का मानना है कि वे फेसबुक चीटिंग का शिकार हुए हैं
4. 67 फीसदी लोगों ने ये माना कि एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर और ज्यादातर तलाक के लिए फेसबुक ही सबसे अहम कारण है.
5. सर्वे के दौरान करीब 46 फीसदी लोगों ने कहा कि वे ईर्ष्या के चलते घड़ी-घड़ी अपने पार्टनर का फेसबुक चेक करते रहते हैं.
6. करीब 22 फीसदी लोगों का मानना है कि फेसबुक उन्हें ऐसी परिस्थितियां देता है जिससे अफेयर होने के चांसेज बढ़ जाते हैं.
7. करीब 32 फीसदी लोगों ने ये स्वीकार किया कि उनकी रोमांटिक लाइफ अब पहले की तरह नहीं रह गई है और पार्टनर के बार-बार फेसबुक चेक करने की वजह से उनके बीच का प्यार कम हो गया है.
8. करीब 17 फीसदी लोगों ने माना कि वे फेसबुक के माध्यम से अभी भी अपने x के कांटेक्ट में हैं
रिसर्च के डायरेक्टर टिम रॉलिन्स का कहना है कि फेसबुक दोस्तों को खोजने और उनसे टच में बने रहने का मंच है लेकिन यहां अफेयर में पड़ने की आशंका भी बहुत अधिक होती है. फेसबुक आपके प्यार भरे रिश्तों में खटास भी ला सकता है. सवाल यह उठता है की आखिर फेसबुक पर बने रिश्ते लुभाते क्यों हैं | कुछ मुख्य कारण जो उभर कर आये ………
दिखाई देता है दूसरे का सबसे अच्छा रूप 
अक्सर देखा गया है दो लोग जो आपस में प्यार करते हैं | जब शादी करते हैं तो निभा नहीं पाते | कारण स्पष्ट है , डेटिंग के दिनों में उन्होंने एक दूसरे का बेस्ट रूप ही देखा होता है | यही बात फेस बुक के साथ है |यहाँ व्यक्ति को अगले का बेस्ट रूप ही दिखाई देता है | जब अपने जीवन साथी का समग्र ( अच्छा + बुरा ) रूप | जाहिर सी बात है वो कम रुचिकर लगेगा ही |
उन्मुक्तता 
गाँव देहात के जो लोग आपस में या घर -परिवार के बीच बड़े झीझकते हुए बात करते हैं | वो फेस बुक पर हर तरह की बात पर अपनी बेबाक राय देते नज़र आते हैं | क्रॉस जेंडर में इस तरह की बातें कुछ हद तक एक दूसरे के प्रति आकर्षित होने का कारण भी बनती हैं | इस उन्मुक्तता का निजी जीवन में जितना आभाव होता है उतनी ही तेजी से यहाँ रिश्ते बनते हैं |
कोई जवाब देही नहीं 
फेस बुक के रिश्तों के प्रति कोई जवाबदेही नहीं होती | चले तो चले वरना ब्लाक बटन तो है ही | ऐसे में निजी रिश्ते बहुत उबाऊ लगते हैं जहाँ हर किसी के सवाल का जवाब देना पड़ता है | नाराजगी झेलनी पड़ती है | और गुस्सा -गुस्सी के बीच शक्ल तो देखनी ही पड़ती है |
केवल लाइक कमेंट से खास होने का अहसासनिजी रिश्तों में खास का दर्जा पाने के लिए न जाने कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं | यहाँ बस व्यक्ति किसी की पोस्ट पर लाइक कमेंट ही लगातार करे तो वह अपना सा लगने लगता है |खास लगने लगता है |
सब कुछ सार्वजानिक नहीं
जीवन में कुछ पल नितांत निजी और सिर्फ महसूस करने के लिए होते हैं। facebookउन्हें सार्वजनिक करने से वे अपनी खूबसूरती खो देते हैं। आजकल कई लोग जितनी तेजी से अपनी फोटो अपडेट करने और चेक-इन के साथ स्टेटस डालने में दिखाते हैं, उतनी तेजी उनका दिल अपने पार्टनर के लिए धड़कने में नहीं दिखाता।
दिल का चोर 
जो लोग खुद गलत होते हैं उन्हें अपने पाट्नर पर जरूरत से ज्यादा शक होता है | खुद तो चैटिंग करेंगे अगर पर्नर ने की तो उसका पास वर्ड ले कर समय मिलनी पर जेम्स बांड बन्ने से भी गुरेज नहीं करते | वही जब पार्टनर को पता छठा है की हमारा अकाउंट चेक किया जा रहा है शक की बिनाह पर रिश्ता दरकने लगता है
यूँ ही समय निकल जाता है 

कई बार जीवन साथी से बेवफाई करने का मन नहीं होता पर सेलेब्रेटी होने के अहसास के लिए जो ५००० फ्रेंड्स व् फोलोवार्स जोड़ रखे होते हैं | वो कही नाराज़ न हो जाए तो उनकी पोस्ट पढने , लाइक कमेंट करने में ही सारा समय चला जाता है | वही समय जो जीवन साथी को देना था \ तो रिश्तों में खटास तो आएगी ही |
अंत में दूर के ढोल सुहावने होते हैं | आप निजी जिंदगी के रिश्तों के ऊपर अगर फेस बुक के रिश्तों को महत्व देते हैं तो निश्चित रूप से इतने फ्रेंड्स के होते हुए भी अकेलापन महसूस करेंगे |



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