शनिवार, 1 जुलाई 2017

जी.यस.टी. GST

रंगनाथ द्विवेदी।
लाख विरोध करे--------- काग्रेंस,यस.पी.(SP),बी.यस.पी.(BSP), लेकिन इस देश के आखिरी शख्स़़ के----- हित मे है जी.यस.टी(GST)। आओ हम सपोर्ट करे, क्योंकि हमी तो खरीदते है-------
रोज आटा,चावल,घी, जी.यस.टी.(GST)। बनिये,स्वर्णकार,व्यापार मंडल की बंदी विरोध मजबूरी है, ये फैंसी चोर है, जिसने हमेशा कर चुरा के इस देश, सरकार और आम आदमी की-----
गाढ़ी कमाई की क्षति बहुत की, जी.यस.टी.(GST)। आओ हम सब एक स्वर-एक कर, के पक्ष मे ध्वनिमत से कहे,
कि स्वागत है तुम्हारा--- मेरे देश में जी.यस.टी.(GST)


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