सोमवार, 24 जुलाई 2017

सुनो सखी , विश्राम कहाँ है ?

सुनो सखी !विश्राम कहाँ है ?


जीवन के विस्तृत कानन में
साँसों के सीमित बंधन में
ढूंढो! अपना मुकाम कहाँ है ?

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर | आपने चंद लाइनों में बहुत कह दिया है | तेरा मेरा करते एक दिन चले जाना है, जो भी कमाया यही रह जाना है | कर ले कुछ अच्छे कर्म, साथ यही तेरे जाना है |

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