शुक्रवार, 21 जुलाई 2017

दूसरा विवाह





मीना पाण्डेय 

"
सॉरी ,आने में जरा देर हो गयी , आपने कुछ लिया , चाय -कॉफ़ी !! " 
"
वो सब बाद में , पहले काम !! "
"
ठीक है , देखिये ये हम दोनों का दूसरा विवाह है , इसलिए कुछ बातें स्पष्ट हो जायें तो बेहतर होगा I "
"
जी "



"
आपके पति ने आपको क्यों छोड़ा ? "
"
उसने नही मैंने छोड़ा था , उसके लिए मैं दौलत और हवश की मशीन भर थी I "
"
आप दूसरा विवाह क्यों करना चाहते है ? "
"
वह औलाद का सुख नही दे पा रही थी "
"
तो बच्चा गोद ले सकते थे I "


"
लेकिन उससे परायेपन की बू आती "
"
बीवी भी तो पराये घर से ही आती है I "
" .............
जी ..."


"
अच्छा अब चलती हूँ I "
"
लेकिन विवाह ! "

"
माफ़ कीजिये , मुझे जीवन साथी के रूप में एक इंसान चाहिए , सिर्फ मेरे बच्चे का पिता नही I "





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2 टिप्‍पणियां:

  1. नारी का अपना भी कोई सम्मान होता है यह बतलाती अच्छी कहानी।

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