बुधवार, 28 जून 2017

नर्गिस - हम न रहेंगे , तुम न रहोगे , फिर भी रहेंगी निशानियाँ


जीवन परिचय 
1 जून 1929 को नर्गिस का जन्म कलकत्ता में हुआ था। उनका असली नाम तो फातिमा राशिद था, लेकिन दुनिया में उन्हें उनके फिल्मी दुनिया के नाम नर्गिस के नाम से पहचान मिली।
नर्गिस ने 1935 में चाइल्ड एक्टर के तौर पर फिल्म ‘तलाश-ए-हक’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की, लेकिन उनका असली करियर शुरू हुआ 1942 में फिल्म ‘तमन्ना’ से। 1940-1960 के बीच उन्होंने कई बड़ी और सफल फिल्मों में काम किया और खूब पसंद भी किया गया। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान राज कपूर के साथ फिल्मों में मिली। राज कपूर के साथ उनकी जोड़ी खासी मशहूर रही और दोनों के रिश्तों के लेकर भी मीडिया में खूब चर्चाएं रहीं।

साल 1957 में आई उनकी फिल्म ‘मदर इंडिया’ ने सफलता का नया इतिहास लिख दिया। एक मजबूर मां के रूप में उनके राधा के किरदार ने खूब वाहवाही बटोरी और इस रोल के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। यही नहीं फिल्म ऑस्कर के लिए भी नामित हुई, लेकिन अंतिम क्षणों में अवॉर्ड पाने से चूक गई।
साल 1958 में उन्होंने ‘मदर इंडिया’ में उनके बेटे बने सुनील दत्त से विवाह किया। साल 1967 में फिल्म ‘रात और दिन’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। इसी साल राष्ट्रीय पुरस्कारों की शुरुआत हुई थी और पहला ही अवॉर्ड नर्गिस को मिलना उनकी लगन को दिखाता है।
वे समाजिक कार्यों से भी जुड़ी रहीं और 1980 में राज्यसभा के लिए भी मनोनीत हुईं। संजय दत्त, नम्रता दत्त और प्रिया दत्त के रूप में उनके तीन बच्चे हुए। साल 1981 में अग्न्याशय कैंसर के कारण नर्गिस की मौत हो गई। उनके बेटे संजय दत्त की पहली फिल्म ‘रॉकी’ उनकी मौत के बाद ही रिलीज हो पायी थी।
महान अदाकारा नर्गिस के बारे में कुछ खास बातें ले कर आये हैं जो शायद आप न जानते हों ………..
नरगिस, पुरानी अदाकारा शम्मी व सुनील दत्त भारतीय सेना के जवानों के मनोरंजन के दौरे पर थे और उस दौरान करवा चौथ का व्रत आया था। रात्रि के समय चाँद नजर नहीं आ रहा था और नरगिस व शम्मी के सामने स्वादिष्ट पकवान रखे हुए थे। उस क्षेत्र में बादल होने केकारण चाँद नजर ही नहीं आ रहा था ऐसे में सुनील दत्त ने पहल करते हुए वहाँ के प्रमुख से अन्य जगहों पर फोन लगाकर चाँद दिखने की खबर लेने के लिए कहा। जैसे ही पता चला कि चाँद दिख गया है सुनील दौड़कर नरगिस के पास पहुँचे और खाना खाने के लिए कहा।
* फिल्म मदर इंडिया के सेट पर दोनों के बीच रोमांस चला था पर यह खबर बाहर फैलने नहीं दी गई क्योंकि इससे फिल्म की लोकप्रियता पर असर पड़ता। फिल्म में सुनील दत्त नरगिस के बेटे बने थे। फिल्म की शूटिंग के दौरान ही सुनील दत्त ने नरगिस को आग से बचाया था।
* नरगिस समाज कार्य करने के लिए हरदम तत्पर रहती थीं । फिल्म मदर इंडिया की शूटिंग के दौरान जब उन्हें पता चला कि एक लड़की की मृत्यु प्रसव के दौरान हुई है तभी नरगिस ने तय किया कि वे नर्स बनेंगी क्योंकि उम्र ज्यादा होने के कारण वे डॉक्टर नहीं बन सकती थीं।नरगिस ने विदेश जाकर नर्सिंग का कोर्स करने की भी ठानी थी ताकि ग्रामीण महिलाओं की सेवा कर सकें।
* नरगिस जब बीमार पड़ीं तब उन्हें इलाज के लिए कुछ महीने विदेश जाना पड़ा। इस खबर से ही सुनील दत्त अवसाद में आ गए थे। संजय दत्त उन दिनों फिल्मों व ड्रग्स में ऐसे डूबे थे कि उन्हें घर-परिवार की ज्यादा सुध नहीं थी। प्रिया भी उम्र में काफी छोटी थी, ऐसे में नम्रता ने संपूर्ण घर को संभाला।
* सुनील दत्त के अनुसार नरगिस व राजकपूर के संबंध केवल युवावस्था का आकर्षण भर था।
* सुनील दत्त को यह अच्छा नहीं लगता था कि पार्टियों में नरगिस अतिथियों के साथ चुटकुलों पर हँसे और अतिथियों को चुटकुले सुनाती रहें।
* नरगिस ने अपने भाई की गृहस्थी बसाने में खूब मदद की पर भाई ने नरगिस की ओर ध्यान नहीं दिया। नरगिस अपनी पीड़ा को सुनील दत्त से व्यक्त करती थीं पर सुनील की ओर से जवाब नहीं मिलने की स्थिति में उन्होंने कई बार आत्महत्या करने का भी प्रयास किया। यहाँ तक कि नरगिस ने अपने हाथ से अपनी उँगली को ब्लेड से काटने का प्रयास भी किया।
प्रेषक – कविता बिंदल

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