बुधवार, 17 मई 2017

बदलाव


1 टिप्पणी:

  1. आपने ठीक फरमाए है, गुस्से में व्यक्ति अपने को उस व्यक्ति के स्थान में अपने को रख के देखे तो जो बात गुस्सा दिलाती है वही आपके मन में सहृदयता जागृत करती है |.

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