रविवार, 30 अप्रैल 2017

किशोर कुमार - ख़ास आवाज़ , ख़ास अंदाज




अनूप शुक्ला
हरदिल अजीज किशोर कुमार का जन्म मध्‍यप्रदेश के खंडवा में 4 अगस्त, 1929 को हुआ. पिता कुंजीलाल गांगुली मशहूर वकील थे. बचपन से ही किशोर को संगीत को शौक था. कुंदनलाल (केएल) सहगल को वे आदर्श मानते थे और उन्‍हीं की तर्ज में गाया करते थे. इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज में उन्‍होंने पढ़ाई की. उनके सहपाठी बताते हैं कि मनमौजी किशोर को गाने उल्‍टे करके गाने का शौक था. नाम पूछने पर कहते थे- ‘रशोकि रमाकु’. पढ़ाई में अपने प्रश्‍नों के जवाब भी वे गाने के लहजे में याद किया करते थे. चूंकि बड़े भाई अशोक कुमार हिंदी फिल्‍म जगत में सक्रिय थे, ऐसे में किशोर भी फिल्‍मों में किस्‍मत आजमाने बंबई (अब मुंबई) आ गए.अभिनेता के रूप में उनकी शुरुआत 1946 की फिल्‍म ‘शिकारी’ से हुई. पहली बार गाने का मौका मिला फिल्‍म ‘जिद्दी’ में, इस गाने को देवानंद पर फिल्‍माया गया. यह वह दौर था जब अभिनेता किशोर को अपने गाने के लिए दूसरे सिंगर की आवाज उधार लेनी पड़ती थी. वैसे तो किशोर ने कई फिल्‍मों में काम किया लेकिन ‘चलती का नाम गाड़ी’ और ‘पड़ोसन’ अभिनेता और गायक के रूप में उनके लिये मील का पत्‍थर रहीं. ‘चलती का नाम गाड़ी’ में उनके दो भाइयों अशोक कुमार और अनूप कुमार ने भी काम किया.

गायक के रूप में किशोर को शुरुआत में बहुत अधिक गंभीरता से नहीं लिया गया. एक बार एसडी बर्मन जैसे वरिष्‍ठ संगीतकार ने किशोर को सहगल साहब को कॉपी करने के बजाय खुद का स्‍टाइल अपनाने की सलाह दी. इसके बाद तो किशोर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्‍होंने एक के बाद एक सुपरहिट सांग दिये. युवाओं पर उनकी गायकी का जादू चढ़ता गया. उन्‍होंने आठ आठ फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार हासिल किये. अमर प्रेम, गाइड, आराधना और कटी पतंग, डॉन जैसी फिल्‍मों के आने के बाद तो लोग उनके दीवाने हो गए। संजीदा हों, रोमांटिक या फिर मस्‍तीभरे,..हर मूड के गाने किशोर बेहद कुशलता से गाते थे. स्‍वर कोकिला लता मंगेशकर और आशा भोसले के साथ उन्‍हें कई सुपरहिट सांग दिये. आशा ने एक बार कहा था, ‘ किशोर के साथ डुएट सांग गाते हुए मुझे अपने को बेहद तैयार करना पड़ता था. किशोर गाना गाते समय अलग तरह की आवाज निकाल इसमें ‘खास टच ‘देते थे और उनके मुकाबले के लिए मुझे भी इसी अंदाज में उनका जवाब देना पड़ता था.गायकी में इस महारत के साथ ही किशोर अपने मूडी और एक हद तक सनकी स्‍वभाव के कारण भी सुर्खियां बटोरते थे. 1975 में आपातकाल के समय एक सरकारी समारोह में भाग लेने से साफ मना कर देने पर तत्कालीन सरकार ने किशोर के गीत आकाशवाणी पर प्रसारित करने पर रोक लगा दी, लेकिन वे नहीं झुके. किशोर कुमार ने चार शादियां कीं. पहली शादी रूमा देवी से हुई. उसके बाद अभिनेत्री (स्‍वर्गीय) मधुबाला और योगिता बाली से भी उन्‍होंने विवाह किया. रूमा और योगिता से उनकी शादी ज्‍यादा नहीं चल सकी. किशोर ने 1980 में चौथा विवाह एक अन्‍य अभिनेत्री लीना चंदावरकर से किया, जिसने उनका एक बेटा सुमीत है. 13 अक्टूबर 1987 को 58 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. किशोर की इच्‍छा जिंदगी के अंतिम क्षणों में अपने शहर खंडवा में बसने की थी. उनकी यह इच्‍छा तो पूरी नहीं हो पाई लेकिन उनका अंतिम संस्‍कार खंडवा में ही किया गया. बेशक किशोर को ‘अलविदा’ कहे 25 से अधिक वर्ष हो गए हैं लेकिन उनकी आवाज अभी भी लोगों के दिलों पर राज करती है….

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