मंगलवार, 11 अप्रैल 2017

जैमिनी रॉय - भावों को दृश्यों में उकेरता चित्रकार










आइये जानते हैं विश्व प्रसिद्ध चित्रकार  जैमिनी रॉय के बारे में | आज गूगल डूडल के जरिए जिन की जयंती मना रहा है | जैमिनी रॉय का जन्म पश्चिमी बंगाल के एक छोटे से गाँव में 11 अप्रैल १८८७ में हुआ था | उन्होंने कोलकाता के सरकारी कला स्कूल से  शिक्षा प्राप्त की |उस पर उस समय ब्रिटिश कला का प्रभाव साफ़ दिखाई देता था |  पहले वो उसी प्रकार के चित्र बनाते थे जैसे उन्होंने स्कूल में सीखे थे | 






फिर धीरे – धीरे उन्होंने कला के क्षेत्र  में नए –नए प्रयोग करने शुरू कर दिए | वस्तुत : अब उन्होंने उन विषयो पर अपनी तूलिका चलायी जो उनके ह्रदय के करीब थे | सच्चा कलाकार इसी को तो कहते हैं

|उन्होंने उस समय भारत व् विश्व की आर्थिक , सामाजिक , राजनैतिक परिस्तिथियों को रंगों के माध्यम से व्यक्त किया |  इसके लिए उन्‍होंने विभिन्‍न प्रकार के स्रोतों जैसे पूर्व एशियाई लेखन शैली, पक्‍की मिट्टी से बने मंदिरों की कला वल्‍लरियों, लोक कलाओं की वस्‍तुओं और शिल्‍प परम्‍पराओं आदि से प्रेरणा ली | उन्होंने यूरोप के महान  चित्रकारों के चित्रों की अनुक्रतियाँ भी बनायी |




 पर मुख्य रूप उनके चित्रों में उनके ग्राम्य जीएवन की मासूमियत की झलक साफ़ दिखाई पड़ती है |  कला में उनके इसी योगदान को देखते हुए 1955 में भारत सरकार ने उन्हें पदम भूषण सम्मान से सम्मानित किया | 




 1972 में इस विश्व प्रसिद्ध चित्रकार का देहांत हो गया | गूगल भी डूडल बना कर जिस महान कलाकार को सम्मानित कर रहा है , उस भारतीय चित्रकार व् उसकी अप्रतिम कला को हमारा भी सलाम | 




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