रविवार, 30 अप्रैल 2017

सुप्रसिद्ध शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान




सरिता जैन
सुप्रसिद्ध शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खान का जन्म 21 मार्च, 1916को डुमराँव, बिहार में हुआ था | उनके पिता का नाम पैगम्बर खाँ और माता का मिट्ठन बाई था | पहले सिर्फ शादी के मौके पर बजने वाली शहनाई के इस उपकरण को स्वतंत्र शहनाई के रूप में उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ ने ही पहचान दिलायी.शहनाई मतलब बिस्मिल्ला ख़ाँ ऐसा समीकरण ही बन गया .शहनाई बजाना ये उनके परिवार का व्यवसाय होने के वजह से बचपन से उनके उपर वही संस्कार के रूपमें आ गया . अपने चाचा ख़ाँ साहेब अलिबक्ष के पास से उन्होंने शिक्षा लेना शुरु किया. 14 साल की उम्र में इलाहाबाद के संगीत परिषद् में बिस्मिल्ला ख़ाँ ने अपने शहनाई बजाने का पहला प्रोग्राम किया. आगे लखनऊ, कोलकता में प्रोग्राम किया | यहा के संगीत परिषद् में स्वर्ण पदक मिला तो उन्होंने संगीत प्रेमियों का ध्यान अपनी तरफ खीच लिया. और कम समय में पहली श्रेणी के शहनाई वादक के रूप में अपनी पहचान बनायीं |

शहनाई जैसे सिर्फ फुक के माध्यम से बजाये जानेवाले साधन पर बिस्मिल्ला ख़ाँ का प्रभुत्त्व था. बहुत भावपूर्ण वादन ये उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ इनके बजाने का वैशिष्ट्य है. ख्याल, ठुमरी,एन संगीतो के जैसे ही कजरी, पुरवी एन जैसे लोक संगीत पर आधारित धुन भी वो बहुत अच्छी तरह से बजाते थे. मतलब शहनाई पर गायकी के सभी प्रकार वो बहुत अच्छी तरह बजाते थे.
1956 के ‘संगीत नाटक अकादमी’ का पुरस्कार प्राप्त करने वाले बिस्मिल्ला ख़ाँ इनको उसके बाद ‘पद्मविभूषण’ (1980) और ‘भारतरत्न’ एन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. अफगानिस्तान से अमरीका तक बहोत से जगहों पर यात्रा करके उन्होंने शहनाई घरघर पहुचाई. अपने अनोखे बजाने से शहनाई इस साधन को प्रतिष्ठा प्राप्त करके देनेवाले बिस्मिल्ला ख़ाँ इनका 21 अगस्त, 2006 में देहांत हुआ.
बिस्मिल्ला ख़ाँ के पुरस्कार
1) भारत रत्न (2001)
2) Fellow of Sangeet Natak Akademi (1994).
3) Talar Mausiquee from Republic of Iran (1992).
4) पद्म विभूषणं (1980).
5) पद्म भूषण (1968).
6) पद्म श्री (1961).
7) Sangeet Natak Akademi Award (1956)
8) Tansen Award by Govt. of Madhya Pradesh.
9) Three medals in All India Music Conference, Calcutta (1937)
10) “Best Performer” in All India Music Conference, Allahabad (1930)
21 अगस्त, 2006 बिस्मिल्ला ख़ाँ का निधन हो गया

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