मंगलवार, 7 मार्च 2017

बुजुर्गों के दिल मे घर कर गई भावना :भावना का 17 वां वार्षिक महाधिवेशन संपन्न





लखनऊ -(संजीव कुमार शुक्ल) उत्तर प्रदेश में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 एवं उत्तर प्रदेश माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण तथा कल्याण नियमावली 2014 तथा उत्तर प्रदेश राज्य वरिष्ठ नागरिक नीति के प्राविधानों को एन केन प्रकारेण यथाशीघ्र पूर्णतः लागू कराने की भावना को लेकर ही भावना समिति ने अपना 17 वां वार्षिक महाधिवेशन राय उमा नाथ बली पे्रक्षागृह में संपन्न किया। इस अवसर पर भावना सदस्यों के साथ साथ वरिष्ठ नागरिकों की तथा उनका ही चिंतन करने वाली कई अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।



महाधिवेशन में इन ज्वलंत मुद्दों  पर विचार किया गया कि वर्तमान समय में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या देश में कुल आबादी की 10प्रतिशत  है जो वर्ष 2050 तक बढ़कर 22 प्रतिशत हो जाएगी अर्थात प्रत्येक 4 में एक व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक होगा 70 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिक अनपढ़ है  तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं 70 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिक ग्रामों में रहते हैं 66प्रतिशत  इतने गरीब है की खाने की दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती अनपढ़ होने के कारण इनको जीवकोपर्जन  हेतु शारीरिक श्रम पर  निर्भर होना पड़ता है।
       भावना समिति में 14 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए तथा यह निर्णय लिया गया कि वरिष्ठ नागरिकों की तथा उनका हित चिंतन करने वाली संस्थाओं के सहयोग से प्रदेश के हर नगर एवं ग्राम में बिना जाति धर्म लिंग आदि का भेद  किए वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा ताकि वे इन सुविधाओं से वंचित ना रहे जो शासन से उन्हें पहले से ही अनुमन्य हैं तथा उन सुविधाओं की वह साधिकार मांग कर सके जो उन्हें मिलनी चाहिए भावना द्वारा निर्धन एवं असहाय जनों के हित में चलाए जा रहे विभिन्न सेवा प्रकल्प यथावत जारी रखने का निर्णय भी इस बैठक में लिया गया तदानुसार समिति द्वारा प्रायोजित एवं वित्त पोषित शिक्षा सहायता योजना का लाभ आगामी शिक्षा सत्र में कक्षा आठ तथा नीचे की कक्षाओं में पढ़ रहे सब गरीब मेधावी बच्चों को 12 सौ रुपए की दर से उपलब्ध कराया जाएगा आगामी सत्र  में लखनऊ जनपद तथा निकटवर्ती अन्य जनपदों के नगरीय  तथा ग्रामीण इलाकों में भिन्न-भिन्न स्थानों पर निर्धन जन सेवा शिविर आयोजित करके कम से कम 800 निर्धन परिवारों को प्रति परिवार एक एक नया कम्बल  प्रदान किया जाएगा तथा कम से कम 2000 निर्धन  महिलाओं बच्चों को पहने  बिछाने के सूती कपड़े बर्तन आदि दिए जाएंगे कुछ ऐसे अनाथ बच्चों को जीवन यापन हेतु आवश्यकता वाली वस्तु दी जायेगी।



अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में भावना के वयोवृध्द सदस्यों माननीय डॉक्टर जगदीश गांधी  जिन्होने जीवन पर्यन्त समाज सेवा की और अपने संसथान से वह ज्ञान की गंगा प्रवाहित की जो समाज को  संस्कार मे बनाए इसके अलावा श्रीमती उमा शशि मिश्र ,श्री बैजनाथ कक्कड़,श्री कृष्णपाल निगम त्रिलोकीनाथ सिंह तथा श्री राम किशोर पांडे को पुरस्कृत कर उनका सार्वजनिक अभिनंदन किया गया इस अवसर पर भावना प्रकाशन के प्रधान  संपादक श्री अमरनाथ की नव रचित पुस्तक खरी-खोटी का लोकार्पण भी हुआ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के पूर्व चीफ महानिदेशक एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री महेश चंद्र द्विवेदी थे उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि उसने यह देख कर प्रसन्नता हो रही है की भावना अपने सदस्यों के माध्यम से समाज सेवा कर रही है सभा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायधीश न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ हेल्पेज इंडिया के निदेशक श्री अशोक कुमार सिंह ने भी संबोधित किया इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए भावना के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार शुक्ल ने भारत में वर्तमान समय में हो रही वरिष्ठ नागरिकों की दुर्दशा पर संक्षेप में प्रकाश डालते हुए कहा की भावना आंदोलन उनकी दशा सुधारने की दिशा में प्रयास रत है  प्रमुख महासचिव श्री राम लाल गुप्ता ने भावना द्वारा प्रत्येक वर्ष में किए गए जब हितकारी कार्यों का संक्षिप्त ब्यौरा प्रस्तुत कर भविष्य की योजनाएं बताई कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री सुशील कुमार सक्सेना ने सभी को धंयवाद दिया कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार श्री देवकीनंदन शांत द्वारा किया गया।
इस अवसर पर तेज ज्ञान फाउन्डेशन, पुणे द्वारा साहित्य पुस्तकों का एक स्टाल भी लगाया गया था जो लोगो के आकर्षण का केंद्रबिंदु बना रहा |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें