शनिवार, 23 अप्रैल 2016

कुछ हाइकू.......पृथ्वी दिवस पर






(1) धरा दिवस
      लगें वृक्ष असंख्य
      करें प्रतिज्ञा।

(२) माता धरती
      करें चिंता इसकी
      शिशु समान।

(3) कहे समय
      रहेगी न धरती
      करोगे क्या?


(4) हम निर्दयी
      न सोचे ये धरती
      हो कुछ ऐसा।

(5) रक्षक बनें
      बची रहे धरती
      फैले संदेश।



(6) बरसें मेघ
      नदियाँ रहैं भरी
      पोसें धरा।

(7) धरा पुकारे
      बचे अस्तित्व मेरा
      खोजें उपाय।

(8) संकल्प ठने
      पॉलिथीन मुक्त हो
      अपनी धरा।

(9) सम्मान करें
      धरा से मिले प्राण
      उसे लौटाएँ।

(10) धरा दिवस
        मनाएँ रोज सब
        निखरे धरा।
(11) कचरा कम
         बने जैविक खाद
         उर्वर धरा।


(12) ढूँढे तरीके
        रिसाइकिल करें
        निज वस्तुएँ।






(13) मिलें संस्कार
        सेवा भाव घर से
        हंसेंगी धरा।

(14) मांगे प्यार
        धूल धूसरित धरा
        बुलाए हमें।
(15) नर्तन करे
        हरी भरी धरती
        सँवारे सभी।
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कॉपीराइट@डॉ.भारती वर्मा बौड़ाई


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