रविवार, 1 नवंबर 2015

जन्म दिन की शुभकामनाएं " अटूट बंधन "




आज आपकी प्रिय पत्रिका " अटूट बंधन" एकवर्ष पूरा कर दूसरे वर्ष में प्रवेश कर रही हैं| जिस तरह आप सब ने स्नेह व् आशीर्वाद देकर पत्रिका को प्रथम वर्ष में ही देश की लोकप्रिय पत्रिकाओ में शामिल कर दिया है | उसके लिए पूरा " अटूट बंधन ग्रुप " आप सब का आभारी है| आशा है आगे भी आपका साथ हमें इसी प्रकार मिलता रहेगा |
जैसा की सर्वविदित है " अटूट बंधन " पोजिटिव थिंकिंग का महा अभियान है| हमारा मानना है क्रांति तलवार से नहीं विचारों से होती है | और दुनिया की सबसे कठिन लड़ाई अपने से होती है | जब इंसान खुद से हार जाता है , तो वो किसी से कभी भी नहीं जीत सकता | निराशा की कोई जाति नहीं होती , धर्म नहीं होता , अमीर –गरीब नहीं होती , देश और प्रान्त की सीमाएं भी उसे नहीं बाँध सकती | वो सर्व व्यापक हैं | जब जीवन में निराशा आती है तो उस अन्धकार में कुछ भी दिखाई नहीं देता | “ अटूट बंधन का उदेश्य उसी निराशा के खिलाफ सकारात्मक चिंतन का दीप जलना हैं | जब  ओमकार मणि त्रिपाठी जी  ने नेक नियति व् सर्व जन हिताय की भावना से इस पत्रिका की नींव रखी तो देश भर से लोग स्वत: ही जुड़ते गए व् अटूट बंधन ग्रुप बना | सभी ने पत्रिका के माध्यम से सकारात्मक विचारों के प्रचार –प्रसार , व् मनुष्य के अन्दर समस्याओं से जूझ कर विजेता के रूप में सामने आने वाली क्षमताओं के विकास के इस महाभियान के प्रसार में अपनी शत प्रतिशत शक्ति लगा दी |पत्रिका की प्रबंध संपादक रेनू चुग जी, सलाहकार संपादक नागेश्वरी राव जी , अरुणा पाण्डेय जी व् दक्षिण भारत ब्यूरो प्रमुख महेश अग्रवाल जी  व् प्रशासकीय  सलाहकार सत्यकार मणि त्रिपाठी जी के  अथक प्रयासों ने पत्रिका को एक वर्ष से भी कम समय में पाठकों के बीच लोकप्रिय पत्रिका के रूप में स्थापित कर दिया | हमारा प्रयास है ज्यादा से ज्यादा लोग इससे लाभान्वित हों | अटूट बंधन परिवार का निरंतर विस्तार हो रहा है | आप भी इस महाभियान में शामिल होइए, क्योंकि हमारी लड़ाई निराशा के अंधेरों के खिलाफ है | हमें उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वास है की आप का साथ हमें मिलेगा जिससे हम जन कल्याण के अपने व्यापक उदेश्य को पूरा करने में सफल हो पायेंगे ..........



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