शुक्रवार, 16 अक्तूबर 2015

नवरात्रि पर विशेष : किस उम्र की कन्या पूजने से क्या मिलता है



नवरात्रि पर कन्या पूजन या कंजक खिला कर भक्त देवी के प्रति अपनी  श्रद्धा  व्यक्त करते हैं | वहीँ इससे अनेकों शुभ फलों की प्राप्ति भी होती है | शास्त्रों के अनुसार ३ से ९ वर्ष की कन्या के पूजन का विधान है ११ वर्ष से ऊपर की कन्या पूजन को कन्या पूजन न कह कर कुँवारी पूजन कहते हैं | हर उम्र की कन्या के पूजन का विशेष फल मिलता है |आइये जानते हैं किस उम्र किकान्य के पूजन से क्या फल मिलता है |

 १ )  दो वर्ष की कन्या को कौमारी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसके पूजन से दुख और दरिद्रता समाप्त हो जाती है।
   २ ) तीन वर्ष की कन्या त्रिमूर्ति मानी जाती है। त्रिमूर्ति के पूजन से धन-धान्य का आगमन और संपूर्ण परिवार का कल्याण होता है।
   ३ )  चार वर्ष की कन्या कल्याणी नाम से संबोधित की जाती है। कल्याणी की पूजा से सुख-          समृद्धि मिलती है।
 ४ ) पांच वर्ष की कन्या रोहिणी कही जाती है। रोहिणी की पूजन से व्यक्ति रोग मुक्त होता है।
       ५ ) छह वर्ष की कन्या चण्डिका के पूजन से ऐश्वर्य मिलता है
    ६ ) * आठ वर्ष की कन्या शाम्भवी की पूजा से लोकप्रियता प्राप्त होती है।
  ७ ) * नौ वर्ष की कन्या दुर्गा की अर्चना से शत्रु पर विजय मिलती है तथा असाध्य कार्य सिद्ध होते हैं।
विभिन्न श्रोतों से 



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