मंगलवार, 29 सितंबर 2015

मंगल पर पानी की खोज : मंगल ही मंगल


                                                             अकेलापन किसको तंग नहीं करता। हम अकेलेपन से भयभीत रहते हैं।  तभी तो दूसरा साथी खोजते हैं , इस जानलेवा अकेलेपन को भेदने के लिए।  पर जब बात हमारी पृथ्वी की आती है , जीवन की आती है तो हमें भय सा लगता है , क्या इतने बड़े ब्रह्माण्ड में हम अकेले जीव धारी हैं । कहीं दूर सही कहीं  तो जीवन हो, यह अहसास ही बड़ा सुखद लगता हैं।इसी आशा में चाँद  पर पहुंचे…पर पानी की कमी ने जीवन होने की सारी उम्मीदें  चकनाचूर कर दी ।  उड़न तश्तरियों की कल्पना की गयी।  दूसरे ग्रह  से आये प्राणियों ( एलियंस ) की कल्पना की गयी।  कहने वालों ने तो यहाँ तक कहा की अमेरिका की जेलों में एलियंस कैद हैं।  पर कितना सच ,कितना झूठ कौन जाने ? भले ही फिल्म " कोई मिल गया " में दूसरे ग्रह  का"  जादू " हमारे बीच रह जाता है, धूप  से एनर्जी लेता है , गाता है , गुनगुनाता है ,  पर सच्चाई ये है की उस जादू का इंतज़ार हमें हकीकत में हमेशा से रहा है।
                                         पर इंतज़ार की घड़ियाँ ख़त्म हुई.  ..........
हम ब्रह्माण्ड में शायद  अकेले नहीं हैं। कल की नासा की एक खबर ने सारे धरती वासियों की उम्मीद जगा दी है। नासा की  खबर यह   हैं कि " मंगल ग्रह की सतह पर बहता हुआ पानी मौजूद है। बहता हुआ पानी होने का अभिप्राय  यह है कि मंगल ग्रह भौगोलिक रूप से सक्रिय  है.......... यानी की उस में जीवन हो सकता है.। नासा द्वारा जारी तस्वीरों में मंगल ग्रह की सतह पर जो गहरी लकीरे दिखाई दे रही हैं वह बहते पानी का संकेत देती हो। यहाँ तक की पहाड़ की चोटियों पर नमक होने के संकेत मिले हैं। नमक होने का सीधा साधा संकेत .......... पानी वाष्पित होगा  , जमेगा  ……चक्र पूरा होगा  और पानी ज्यादा समय तक बहेगा । अभी तक की जानकारी के अनुसार मंगल की हवा विरल है.……। यह भी इस चक्र को सहयोग देगी।   वैसे तो यह बात वैज्ञानिक लुजेंद्र ओझा और उनके सहयोगी शोधकर्ताओ ने अपने नीयो साइंस जनरल में प्रकाशित की है।




 सोमवार को जारी इस खोज से मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओ के बारे में निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं।  अब पानी है तो माइक्रोब्स होने की सम्भावना बढ़ जाती है।  दूसरे यह भी सम्भावना बढ़ जाती है कि भविष्य में जब अन्तरिक्ष यात्री वहां जायेंगे तो तो वह ज्यादा समय तक ठहर सकते हैं।
                   फिलहाल तो हम यही कह सकते हैं कि मंगल पर पानी मिलना हर प्रकार से  मंगल ही मंगल है।  अभी तो इतनी ही उम्मीद जगी है कि वहां माइक्रोब्स  की शक्ल में ही सही जीवन हो सकता है।  यानी हम अकेले नहीं हैं।  यह बात खुश होने की तो हैं ही। और यह उम्मीद भी जगती है। .......... क्या पता कल को वास्तव में कोई एलियन 'जादू ' का पता चल जाए. .... और हम कहे " अरे ! आप तो इतने पास रहते थे , और हमें पता ही नहीं था । :) :) :)

वंदना बाजपेयी


चित्र गूगल से साभार


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें