शनिवार, 29 अगस्त 2015

एक पाती भाई / बहन के नाम ( शिवानी जैन शर्मा )













"प्यार मुझे जो तुमसे है
वो इस धागे को कहना है
भूल न जाना प्यारे भैया
बाट देखती बहना है"
शादी के बाद कुछ जमा 2-3 बार ही भैया-भाभी जी की कलाई पर अपने हाथ से राखी बांध पाई हूं।
कुछ तो दूरी, कुछ पारिवारिक मजबूरी ...
आभारी हूं डाक विभाग और कोरियर कम्पनियों की जो हर साल सही वक्त पर मेरी राखियां उन तक पहुंचा देते हैं ।
आप सभी को रक्षाबंधन की बहुत बहुत शुभकामनाएं
😊
atoot bandhan

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