रविवार, 3 मई 2015

यदि सफर करते समय उल्टियाँ हों तो इन्हें आजमायें :



                            







यदि सफर करते समय उल्टियाँ हों तो इन्हें आजमायें :
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• जैसे ही सफर करने के समय में व्यक्ति का जी मिचलाने लगे
तथा उल्टियां होने लगे उसी समय व्यक्ति को अपने मुंह में लौंग
रखकर चूसनी चाहिए। इससे जी मिचलाना और
उल्टियां होना भी बंद हो जाती हैं।
• सफर पर जाने से आधे घंटे पहले ही 1 चम्मच प्याज के रस और 1
चम्मच अदरक के रस को मिलाकर पी लें। इससे सफर में
जी नहीं मिचलाएगा (उबकाई नहीं आयेगी)। अगर सफर
ज्यादा लम्बा हो तो यह रस बनाकर अपने साथ ही रख लें। इस रस
को दुबारा 4 से 6 घंटे के बाद पी सकते हैं। इस रस को पीने से
जी नहीं मिचलाता तथा उल्टी भी नहीं होती।
• सफर पर निकलने से पहले लगभग 240 मिलीग्राम से 1 ग्राम
जयपत्री को अगर सुबह और शाम खा लिया जाए तो सफर बहुत
अच्छा बीतता है। पर इसकी मात्रा उम्र के मुताबिक देनी चाहिए
नहीं तो चक्कर आ सकते हैं।
• धनिये के थोड़े से दाने मुंह में रखकर चबाते रहने से मिचली (उबकाई)
नहीं आती।
• दालचीनी का तेल 1 से 3 बूंद बतासे पर डालकर मुंह में रखने से
उबकाई नहीं आती है। ............. 


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