सोमवार, 30 मार्च 2015

अहा ! टमाटर बड़ा मजेदार

                                      

मैं टमाटर के ठेले से एक एक लाल लाल टमाटर चुन रही थी वहीं सामने पार्क में बच्चे गोला बना कर गाना गया रहे थे ......"अहा ! टमाटर बड़ा मजेदार 
                                     अहा ! टमाटर बड़ा मजेदार 
                                        एक दिन इसको चींटी ने खाया 
                                                 हाथी  से भी जा टकराया 
                                              अहा ! टमाटर बड़ा मजेदार 
                                                 एक दिन इसको .............
                                                                                                                                                            वो तो खैर बच्चों कि राइम थी पर टमाटर है तो कमाल कि चीज जो खाता है सेहत और स्वाद का आनंद पता है | तोचलिए आज आपके चिर परिचित टमाटर से एक बार बार आपका फिर से परिचय करा देते  हैं ........................                                                                                                                                                                                                         





टमाटर का इतिहास 
टमाटर का इतिहास बहुत पुराना है। कहा जाता है कि 15वीं सदी में अमेरिका के रोलको द्वीप पर सबसे पहले यह फल देखने को मिला था जिसकी खोज सर वाल्टर रेंले द्वारा की गई थी परंतु उस समय लोगों ने इसे जहरीला फल समझा, इसलिए इसका उपयोग खाने के रूप में नहीं किया गया। यूरोप में टमाटर को बागवानी की साज-सज्जा बनाए रखने के लिए ही बोया जाता था। उस समय कुछ लोग इसे ‘लव एप्पल’ कहा करते थे परंतु अमेरिका में इसे टोमैटो नाम से ही पुकारा गया।

भारत में टमाटर को लाने का श्रेय मैक्सिको वासियों को जाता है। वे टमाटर को ‘लव एप्पल’ के रूप में यहां लाए थे लेकिन देशवासियों ने इसका स्वागत ‘विलायती बैंगन’ कह कर किया। कुछ लोगों ने इसके गुण-दोष से अनभिज्ञ होने के कारण इसे ‘अनजान फल’ भी कहा। 

जैसे-जैसे टमाटर के गुण-दोष का पता चलता गया, वैसे-वैसे टमाटर भारतीयों के लिए रसोई की शान बन गया। आज देश भर में व्यापक स्तर पर टमाटर की खेती होती है और लोग बड़े चाव से कभी विलायती बैंगन रहे टमाटर को खाते हैं। 




टमाटर के गुणकारी तत्व -
टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन सी पाये जाते हैं। एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है। हालाँकि टमाटर का स्वाद अम्लीय (खट्टा) होता है, लेकिन यह शरीर में क्षारीय (खारी) प्रतिक्रियाओं को जन्म देता है। टमाटर में कैल्शियम, चूना, गंधक, सायट्रिक एसिड इत्यादि तत्व भी बहुतयात में पाये जाते हैं। टमाटर जहां विटामिनों का खान है, वहां स्वाद का राजा भी है टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन सी पाये जाते हैं। एसिडिटी की शिकायत होने पर टमाटरों की खुराक बढ़ाने से यह शिकायत दूर हो जाती है। हालाँकि टमाटर का स्वाद अम्लीय (खट्टा) होता है, लेकिन यह शरीर में क्षारीय (खारी) प्रतिक्रियाओं को जन्म देता है।अब आप जब भी टमाटर खरीदने जाएं, तो लाल टमाटर ही चुनें। इनमें बीटा कैरोटिन व आईकोपीन की मात्रा बहुत अधिक होती है। वैसे, अगर आप अपना वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं, तो भी टमाटर आपके लिए फायदेमंद रहेंगे। इसमें फाइबर ज्यादा व कैलरीज कम होती हैं, जो वेट घटाने में मदद करती हैं। इसमें मौजूद बीटा कैरोटिन भी बॉडी के लिए बेहद फायदेमंद है। दरअसल, यह बॉडी में विटामिन ए में बदल जाता है और यह तो सभी जानते हैं कि विटामिन ए त्वचा, बालों, हड्डियों व दांतों को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है।



टमाटर औषधि के रूप में

टमाटर सिर्फ एक सब्जी नहीं बल्कि ये अपने आप में एक संपूर्ण औषधी है टमाटर खाने से निम्न रोगों का उपचार होता है -
  1. बच्चों को सूखा रोग होने पर आधा गिलास टमाटर के रस का सेवन कराने से फायदा होता है।
  2. दो या तीन पके हुए टमाटरों का नियमित सेवन करने से बच्चों का विकास शीघ्र होता है।
  3. शरीर का भार घटाने के लिए सुबह-शाम एक गिलास टमाटर का रस पीना लाभप्रद है।
  4. यदि गठिया रोग में एक गिलास टमाटर के रस की सोंठ तैयार करके उसमें एक चम्मच अजवायन का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम पीने से लाभ होता है।
  5. गर्भवती महिलाओं के लिए सुबह एक गिलास टमाटर के रस का सेवन फायदेमंद है।
  6. डाइबिटीज व दिल के रोगों में भी टमाटर बहुत उपयोगी होता है।
  7. इसमें कैलोरिज कम होती है इसलिए सलाद के रूप में खाया जाता है।ये शरीर से कई तरह बीमारियों से मुक्ति दिलवाते हैं।
  8. टमाटर खाने वालों को कैन्सर रोग नहीं होता।
  9. टमाटर के नियमित सेवन से पेट साफ रहता है।
  10. कफ होने पर टमाटर का सेवन अत्यंत लाभदायक है।
  11. प्रात: बिना कुल्ला किए पका टमाटर खाना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होता है।
  12. पेट में कीड़े होने पर सुबह खाली पेट टमाटर में पिसी हुई कालीमिर्च लगाकर खाने से लाभ होता है।
  13. भोजन करने से पहले दो या तीन पके टमाटरों को काटकर उसमें पिसी हुई कालीमिर्च, सेंधा नमक एवं हरा धनिया मिलाकर खाएं। इससे चेहरे पर लाली आती है व पौरूष शक्ति बढ़ती है।
  14. टमाटर के गूदे में कच्चा दूध व नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर चमक आती है।
  15. टमाटर के नियमित सेवन से अन्य रोग जैसे डायबिटीज, आंखों व पेशाब संबंधी रोगों, पुरानी कब्ज व चमड़ी के रोगों का उपचार होता है।
  16. इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
  17. टमाटर से पाचन शक्ति बढ़ती है।
  18. इसमें साइट्रिक अम्ल और मैलिक अम्ल पाया जाता है इसलिए यह एंटासिड के रूप में काम करता है।


टमाटर खाने के अन्य फायदे

टमाटर में विटामिन, प्रोटीन, वसा आदि तत्व‍ मौजूद होते हैं। इसके अलावा टमाटर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है। आइए जानते हैं कि टमाटर किन‍-किन बीमारियों के लिए फायदेमंद है –
  • भूख बढाने के लिए – टमाटर खाने से भूख बढती है। इसके अलावा टमाटर पाचन शक्ति, पेट से संबंधित अनेक समस्याओं को दूर करता है। टमाटर खाने से पेट साफ रहता है और इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
  • त्वचा के लिए – टमाटर खाने से सनबर्न और टैन्ड स्किन में फायदा होता है। टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन तत्व त्वचा को अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाता है।
  • पेट के लिए – पेट में कीड कीड़े हैं तो हर रोज खाली पेट टमाटर खाने फायदा होता है। टमाटर में हींग का छौका लगाकर पीजिए, पेट के सारे कीडे मर जाएंगे। टमाटर पर काली मिर्च लगाकर खाना भी काफी फायदेमंद होता है।
  • डायबिटीज के लिए – डायबिटीज रोगियों के लिए टमाटर खाना बहुत फायदेमंद होता है। हर रोज एक खीरा और एक टमाटर खाने से डायबिटीज रोगी को लाभ मिलता है। टमाटर आंखों व पेशाब संबंधी रोगों के लिए भी फायदेमंद है।
  • लीवर और किडनी के लिए – टमाटर खाने से लीवर और किडनी की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। हर रोज टमाटर का सूप पीने से लीवर और किडनी को फायदा होता है।
  • गठिया के लिए – अगर आपको गठिया है तो टमाटर का सेवन कीजिए। एक गिलास टमाटर के रस को सोंठ में डालकर अजवायन के साथ सुबह-शाम पीजिए, गठिया में फायदा होगा।

अगर चाहते हैं कि आप एक स्वस्थ जीवन जिएं और प्रोस्टेट कैंसर जैसी घातक बीमारी से दूर रहें, तो जरूरी है कि आप रोजाना कम से कम दस टमाटर जरूर खाएं। शोध में प्रोस्टेट कैंसर से पीडित 50 व 69 वर्ष की उम्र के लोगों की जीवनशैली पर अध्ययन किया गया। जो व्यक्ति सप्ताह में 10 से ज्यादा टमाटर खाता है, उसे प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा 18 प्रतिशत कम रहता है। यह जानकारी एक शोध में सामने आई है।
ब्रिस्टोल और आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधनकर्ताओं ने प्रोस्टेट कैंसर से पीडित 50 व 69 वर्ष की उम्र के 1,806 लोगों की खुराक एवं जीवनशैली पर ध्यान दिया और उसकी 12005 कैंसर मुक्त लोगों के साथ तुलना की।
शोध में प्रोस्टेट कैंसर की "आहारीय तालिका" विकसित की जिसमें आहारीय अवयवों सेलेनियम, कैल्शियम और वैसे खाद्य पदार्थ, जिनमें लाइकोपिन की प्रचुरता होती है, शामिल किया गया। पाया गया कि जिन लोगों ने इन तीन आहारीय अवयवों को खाने में शामिल किया, उनमें प्रोस्टेट कैंसर की आशंका कम पाई गई।



टमाटर और उसके उत्पाद जैसे टमाटर का जूस और पकाए हुए बीन सबसे ज्यादा गुणकारी पाए गए। 10 भाग से ज्यादा खाने वाले पुरूषों में बीमारी होने का खतरा 18 प्रतिशत कम पाया गया।
अटूट बंधन परिवार 
अटूट बंधन .......... हमारा फेस बुक पेज 

             

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें